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UNIT --1
जाल
वह उपकरण ,जो विधुत स्त्रोतऔर विधुत चालक अवय्व को मिलाकर बनाया जाता है,जाल कहलाता हैै।
विधुत स्त्रोत -- बैटरी, सेल
विधुत चालक अव्यय-- प्रतिरोध {R}
संधारित्र {C}
प्रेरकत्व {L}
डायोड {D}
ट्रांजिस्टर {T}
जाल के प्रकार :-
{ 1}सक्रिय जाल:-
वह जाल , जिसमे विधुत स्त्रोत उपस्थित हो, सक्रिय जाल कहलाता है।
[2 ] निष्क्रिय जाल :--
वह जाल, जिसमें विधुत स्त्रोत उपस्थित नही हो, निष्क्रिय जाल कहलाता है।
विधुत स्त्रोत :--
वह उपकरण , जिससे किसी परिपथ को विधुत उर्जा प्रदान करते है, विधुत स्त्रोत कहलाता है।
यह दो प्रकार का होता है
{1}धारा स्त्रोत:--
वह उपकरण , जिसमे आन्तरिक प्रतिरोध लोड प्रतिरोध के साथ समान्तर क्रम में जुडा हो ,धाारा स्त्रोत कहलाता है।
यह दो प्रकार का होता है-
{A} आदर्श धारा स्त्रोत:-
वह धारा स्त्रोत जिसमे आन्तरिक प्रतिरोध का मान अनन्त हो , आदर्श धारा स्त्रोत कहलाता है|
--यह प्रायोगिक रुप से सम्भव नही है।
{B} वास्तविक धारा स्त्रोत :--
वह धारा स्त्रोत जिसमे आन्तरिक प्रतिरोध का मान वास्तविक सख्या हो, वास्तविक धारा स्त्रोत कहलाता है।
{2}वोल्टता स्त्रोत:--
वह उपकरण , जिसमे आन्तरिक लोड प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम मे जुडा हो, वोल्टता स्त्रोत कहलाता है।
यह दो प्रकार का होता है--
{A}आदर्श वोल्टता स्त्रोत :--
वह वोल्टता स्त्रोत , जिसमे आन्तरिक प्रति रोध का मान शुन्य हो आदर्श वोल्टता स्त्रोत कहलाता है।
वह उपकरण , जिससे किसी परिपथ को विधुत उर्जा प्रदान करते है, विधुत स्त्रोत कहलाता है।
यह दो प्रकार का होता है
{1}धारा स्त्रोत:--
वह उपकरण , जिसमे आन्तरिक प्रतिरोध लोड प्रतिरोध के साथ समान्तर क्रम में जुडा हो ,धाारा स्त्रोत कहलाता है।
यह दो प्रकार का होता है-
{A} आदर्श धारा स्त्रोत:-
वह धारा स्त्रोत जिसमे आन्तरिक प्रतिरोध का मान अनन्त हो , आदर्श धारा स्त्रोत कहलाता है|
--यह प्रायोगिक रुप से सम्भव नही है।
{B} वास्तविक धारा स्त्रोत :--
वह धारा स्त्रोत जिसमे आन्तरिक प्रतिरोध का मान वास्तविक सख्या हो, वास्तविक धारा स्त्रोत कहलाता है।
{2}वोल्टता स्त्रोत:--
वह उपकरण , जिसमे आन्तरिक लोड प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम मे जुडा हो, वोल्टता स्त्रोत कहलाता है।
यह दो प्रकार का होता है--
{A}आदर्श वोल्टता स्त्रोत :--
वह वोल्टता स्त्रोत , जिसमे आन्तरिक प्रति रोध का मान शुन्य हो आदर्श वोल्टता स्त्रोत कहलाता है।






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रख हौसला वो मंजर भी आयेगा
प्यासे के बाद समुंदर भी आयेगा
हार कर न बैठना ए मंजिल के मुशाफिर
मंजिल भी मिलेगी और मजा भी आयेगा