SECOND LAW OF THERMODYNAMICS

          उष्मागतिकी का द्वितीय नियम  

HELLO FRIENDS,
                             इस  POST में हम SECOND LAW OF THERMODYNAMICS बात करने वाले है।
FIRST LAW की चर्चा हम पहले कर चुके है।  जिसका LINK  नीचे दिया है।





                                                                                                                                                                  इस नियम के अनुसार,  -

[1]--        सभी स्वत प्रक्रम उसी दिशा में अग्रसर  होते है, जहॉं वे साम्यावस्था    प्राप्त कर सकै। 


[2]--       ब्रह्माण्ड की एन्ट्रोपी लगातार बढ रही है।


[3]--       बिना किसी बाह्य कार्य के उष्मा को कम ताप से अधिक ताप वाली वस्तु की ओर स्थानान्तरित नही किया जा सकता। 


[4]--        कार्य को पुर्णत उष्मा में परिवर्तित किया जा सकता है, जबकि उष्मा को पुर्णत  कार्य में नही।  


इस नियम की सहायता से उर्जा स्थानान्तरण की दिशा , स्वत प्रक्रम , उष्मा और उर्जा के कार्य में परिवर्तन की गणना की जा सकती है।
  



    THANKS AND BEST OF LUCK




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